उपन्यास ‘दीपा दीदी ‘ समाज का जीता -जागता प्रतिबिंब है, कथा नदी की तरह निर्बाध गति से बहतीं है, जिज्ञासा पूरे उपन्यास के पढ़ने के बाद ही शांत होती है ।पात्र बड़े सजीव एवं प्रभावी हैं। नशे की लत का त्याग करने से कैसे एक परिवार उजड़ने से बच गया, उपन्यास का महत्वपूर्ण कथ्य कहा जा सकता है । संवाद उच्च स्तर के व हास्य- विनोद से लदे हुए हैं ।
تاريخ النشر
كتاب إلكتروني: 10 ديسمبر 2021
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