Jaal - سلسلة الكتب
- مؤلف
- راوٍ
- دار النشر
- سلسلة
- 10
- المدة الإجمالية
- 4س 2د
- تصنيف
- أدب الجريمة
- اللغة
- الهندية
- الصيغة
सुनसान पहाड़ी पर बने हिल हाउस में ठाकुर सूर्यदेव राजवंशी का 75th बर्थडे मनाने के लिए पूरा खानदान इकठ्ठा होता है. लेकिन बर्थडे के कुछ दिन पहले ही ये राजवंशी खानदान फंस जाता है एक अज्ञात हत्यारे के बिछाए जाल में. वो सनकी हत्यारा एक-एक कर परिवार के सदस्यों की बड़ी बेरहमी से हत्या करना शुरू कर देता है. उस शातिर और रहस्यम हत्यारे ने हिल हाउस में मौत का ऐसा परफेक्ट जाल बुना है जिसमें राजवंशी परिवार मेमने की तरह फंस के रह गया है. ठाकुर सूर्यदेव की पोती श्वेता अपने बॉयफ्रेन्ड समर्थ के साथ मिलकर इन हत्याओं की वजह और कातिल को खोजना शुरू करती है. इस दौरान उसके सामने आता है हिल हाउस और उसके परिवार का काला अतीत जो श्वेता के पैरों तले की जमीन हिला कर रख देता है. आखिर कौन है कातिल? क्यों है वो राजवंशी खानदान के खून का प्यासा? क्या श्वेता खुद को और बाकी बचे लोगों को बचा पायेगी उस कातिल के जाल से?
