लड़कियों के प्रति समाज की कुंठित मानसिकता के विरुद्ध लड़ने का हौसला रखने वाली आनंदी, जिसने कम उम्र से ही अपनी विलक्षण बुद्धि, समाज की कुरीतियों से लड़ने की शक्ति, एवं निर्भीकता का प्रतीक होने की योग्यता प्रदर्शित कर दी थी। गाँव में ग़रीबी से लड़ती आनंदी का बचपन और फिर शहर में शिक्षा प्राप्त करने की अपनी दृढ़-शक्ति को दर्शाती, आनंदी ने न केवल स्वयं को, अपितु अपने परिवार को भी अपने साथ संपन्नता की ओर अग्रसर किया। इस दौरान विवाह-बंधन में बंधकर उसकी ज़िम्मेदारियों की सूची लंबी होती गई, परंतु उसने कभी हिम्मत नहीं हारी। लड़की के प्रति समाज की कुंठित मानसिकता के विरुद्ध उसकी सोचऔर ऐसे में बेटियों को जन्म देकर, उनका पालन-पोषण कर उन्हें अच्छी शिक्षा देना, उन सभी का विवाह संपन्न कराना और उन्हें आत्मनिर्भर होने की योग्यता प्रदान करना; यह एक जंग से कम नहीं था उसके लिए। आनंदी ने अपने हौसले, बुद्धी, निडरता, एवं समाज की विषमता के विरुध लड़ते हुए यह सब कर दिखाया। एक लड़की जिसने जीवन की कई भूमिकाएँ निभाईं, परंतु एक औरत होना वह कभी नहीं भूली। आनंदी के जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण घटनाक्रमों एवं पहलुओं की प्रस्तुति करती यह कहानी समाज के किसी भी वर्ग की महिला के लिए प्रेरणादायी है और नारी सशक्तिकरण का प्रतिरूप है। संघर्षमय जीवन एवं ग़रीबी के परिवेश से जूझते हुए शिक्षा एवं आत्मनिर्भरता का दामन थाम कर सम्पन्नता की ओर कदम बढ़ाती एक औरत की कहानी- आनंदी।
© 2022 Zankar (كتاب صوتي): 9789355351920
تاريخ النشر
كتاب صوتي: 8 مارس 2022
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