ओशो यानी भगवान रजनीश अपने जमाने से 20 साल आगे सोचने वाला आध्यात्मिक गुरू जिसने अपनी समाधि पर लिखवा दिया था- ‘Never Born - Never Died. Only visited this planet. Earth between December 11, 1931 and January 19, 1990.’ 20वीं सदी के इस सबसे चमत्कारी गुरू ने दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा, विवादास्पद और commercially successful, utopian experiments को दुनिया में अंजाम दिया था. उनकी किताबें, साहित्य और किये गए काम आज भी दुनिया में उन हज़ारों लोगों के दिलो-दिमाग में बसे हुए हैं, जो अध्यात्म के रास्ते पर चलते हैं. ओशो एक ऐसे गुरू थे जिन्होंने अमेरिका में अपने नाम पर एक पूरा शहर बसा दिया था. उनके कारनामो से अमेरिकी सरकार हिल गई और उन्हें अमेरिका छोड़ना पड़ा. लेकिन जब वे भारत लौटे तो उनकी दुनिया ही बदल गई.
المترجمون: Swati Arjun
تاريخ النشر
كتاب صوتي: 6 أكتوبر 2021
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