गोदान - प्रेमचंद का साहित्य केवल गांधीवाद की शिक्षा नहीं देता, केवल स्वाधीनता की लड़ाई की कहानी नहीं कहता! उनका साहित्य किसान की, साधारण जनता की, उनके साथ काम करने वाले बुद्धिजीवियों को सबक देता है कि किस तरह जनता को साथ लेकर चलने वाला नेता, राष्ट्रप्रेमी, देशप्रेमी और राष्ट्रीयता के लिए संघर्ष करनेवाले लोग मूलतः और अन्ततः अपने वर्ग-हित के लिए लड़ते हैं और उनके वर्ग-हित पर जब चोट पड़ती है, तो चोला बदल लेते हैं, पला बदल लेते हैं, बाना बदल लेते हैं, पक्ष बदल लेते हैं और उनके विरूद्ध चले जाते हैं!
© 2017 Storyside IN (Audiobook): 9789352841486
© 2020 Prabhakar Prakshan (Ebook): 9789389851489
Release date
Audiobook: December 16, 2017
Ebook: March 28, 2020
Listen and read without limits
800 000+ stories in 40 languages
Kids Mode (child-safe environment)
Cancel anytime
Listen and read as much as you want
9.99 € /month
1 account
Unlimited Access
Offline Mode
Kids Mode
Cancel anytime