Vijay | विजय Vishwambharnath Sharma Koushik
4.3
Lyric Poetry & Drama
मन की बात कभी सोचा भी नही था कि मै कविता लिख सकुंगी. मनमें विचार तो खूब आते थे. पर उन्हें कागज पर लिखना, मुझसे हो पायेगा, ये सोचा न था. और तो और audio book publish करना तो मानो एक सपना था. भावनाओंको कागज पर उतारना मुश्किल लगा था शुरुवात में. पर धीरे धीरे बात बन गयी. दोस्तो, “चलते चलते” इस audio book को पब्लिश करते हुए मुझे बेहद खुशी है. उम्मीद है,आप सबको यह audio book पसंद आयेगी.
© 2023 Zankar (Audiobook): 9789395399425
Release date
Audiobook: 10 February 2023