Tumhara Main Divya Prakash Dubey
तुम्हारा नन्हा डाकिया जो हर बार चिट्ठियाँ देने के एवज में टॉफियाँ लेता था, अबकी दफा कुछ नहीं बोला. बस चुपके से तुम्हारी दी हुई चिट्ठी आगे कर दी. करीने से सात बार मोड़ कर रबर से बंधी हुई चिट्ठी. सात दफा ! अजीब अंक है यह सात भी. सात वचन, सात आसमान, सात समंदर. तुम्हारा वादा भी तो सात जन्मों का ही था न !
Release date
Audiobook: 12 February 2021
Ebook: 12 February 2021