Kala Ki Rooprekha | कला की रूपरेखा Suryakant Tripathi Nirala
मंटो एक सोच है, अफ़साना है, कल्ट है, दीवानगी है, दर्द है. मंटो पर मुकदमा चला, उनकी कहानियों को अश्लील कहा गया लेकिन उन्होंने अपनी कला की सच्चाई के हक़ में लड़ना चुना. वह भारतीय उपमहाद्वीप के बंटवारे के सबसे मार्मिक कथाकार है. उनकी कहानियाँ इंसानियत के पतन और समाज की गंदगी का एक बेलौस और विचलित करने वाला दस्तावेज़ हैं. यहाँ प्रस्तुत है उनकी बेमिसाल कहानी - नीली रागें
© 2018 Storyside IN (Audiobook): 9789353645182
Release date
Audiobook: 3 May 2018