Naarivaad Dev Vratan
घड़ी की सूई की तरह छवि की जिंदगी हर क्षण आगे सरकती जा रही थी. पाना तो उस ने भी बहुतकुछ चाहा था जिंदगी से, लेकिन पाने के लिए कुछ खोना भी तो पड़ता है.
© 2019 Storyside IN (Audiobook): 9789353641627
Release date
Audiobook: 16 May 2019